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नई-नई मां बनी हैं तो जान लें बचà¥à¤šà¥‡ की मालिश का तरीका !
à¤à¤¾à¤°à¤¤ में शिशॠकी मालिश की परंपरा सदियों से चली आ रही हैजानिठकà¥à¤¯à¥‹à¤‚ की जाती है शिशॠकी मालिश, इससे कà¥à¤¯à¤¾ फायदा होता है और इसे करने का सही तरीका कà¥à¤¯à¤¾ है.
नवजात के शारीरिक और मानसिक विकास के लिठमालिश बहà¥à¤¤ जरूरी मानी जाती है. यही वजह है कि à¤à¤¾à¤°à¤¤ में खासतौर पर शिशॠकी मालिश की परंपरा सदियों से चली आ रही है. मालिश से बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को काफी आराम मिलता है और उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ अचà¥à¤›à¥€ नींद आती है. इसके अलावा à¤à¥€ मालिश के बहà¥à¤¤ सारे फायदे हैं. जानिठउनके बारे में.
तमाम शोध बताते हैं कि मालिश करने से बचà¥à¤šà¥‡ के शरीर में खà¥à¤¶à¥€ उतà¥à¤ªà¤¨à¥à¤¨ कराने वाला हारà¥à¤®à¥‹à¤¨ ऑकà¥à¤¸à¥€à¤Ÿà¥‰à¤•à¥à¤¸à¤¿à¤¨ सà¥à¤°à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ होता है. जिससे बचà¥à¤šà¤¾ अचà¥à¤›à¤¾ महसूस करता है और उसकी चिड़चिड़ाहट कम होती है. इसके अलावा मालिश से बचà¥à¤šà¥‡ की मांसपेशियों को à¤à¥€ काफी आराम मिलता है. इसके अलावा मालिश से शिशॠका नरà¥à¤µà¤¸ सिसà¥à¤Ÿà¤® à¤à¥€ उतà¥à¤¤à¥‡à¤œà¤¿à¤¤ होता है. रकà¥à¤¤ संचार दà¥à¤°à¥à¤¸à¥à¤¤ होता है और पाचन संबनà¥à¤§à¥€ परेशानियां कम होती हैं.
कब और कितनी बार करें
जनà¥à¤® के करीब चार सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ बाद शिशॠकी मालिश शà¥à¤°à¥‚ की जा सकती है. लेकिन उसके पेट पर नाà¤à¤¿ की ठूंठटूटकर गिरने और सूखने के बाद ही मालिश करें. आमतौर पर चार सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ बाद शिशॠकी तà¥à¤µà¤šà¤¾ विकसित हो जाती है. बचà¥à¤šà¥‡ की बेहतर गà¥à¤°à¥‹à¤¥ के लिठआपको नियमित रूप से à¤à¤• बार उसकी मालिश जरूर करनी चाहिà¤. लेकिन अगर उसे किसी तरह की समसà¥à¤¯à¤¾ हो रही है तो विशेषजà¥à¤ž से इस बारे में सलाह जरूर लें.
कैसे करें
1. मालिश हमेशा पैरों से शà¥à¤°à¥ करें और सिर की मालिश अंत में करें.
2. सबसे पहले तेल की कà¥à¤› बूंदें हाथों में लेकर रगड़ें. इससे तेल में हलà¥à¤•ी गरà¥à¤®à¤¾à¤¹à¤Ÿ आ जाà¤à¤—ी. फिर धीरे धीरे बचà¥à¤šà¥‡ की तà¥à¤µà¤šà¤¾ पर लगाà¤à¤‚.
3. बचà¥à¤šà¥‡à¤‚ की जांघों पर हलà¥à¤•े हाथों से गोलाकर बनाते हà¥à¤ नीचे की ओर आà¤à¤‚. यही कà¥à¤°à¤® बाज़à¥à¤“ं पर à¤à¥€ दोहराà¤à¤‚. इस दौरान बचà¥à¤šà¥‡ की अंगà¥à¤²à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ को सावधानी से पकड़ें.
4. बचà¥à¤šà¥‡ की छाती और पेट पर हलà¥à¤•े हाथ से धीरे-धीरे गोलाकार में हाथ घà¥à¤®à¤¾à¤à¤‚. इसके बाद बचà¥à¤šà¥‡ को उलà¥à¤Ÿà¤¾ लिटाकर पीठकी मालिश करें. धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रहे कि बचà¥à¤šà¥‡ की रीढ़ की हडà¥à¤¡à¥€ पर बिलà¥à¤•à¥à¤² दबाव न दें.
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